राजस्थान: के दौसा जिले में कृषि विभाग ने खाद-बीज विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 दुकानदारों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई जिले में चल रहे गुण नियंत्रण अभियान के तहत की गई, जिसमें निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के अन्य विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि खाद की कालाबाजारी, स्टॉक में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एवं उर्वरक अनुज्ञापन अधिकारी रामराज मीना ने बताया कि जिलेभर में खाद-बीज विक्रय केंद्रों और गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान कई दुकानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया।
इसके अलावा कई विक्रेताओं द्वारा अपने परिसरों के बाहर स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। कई दुकानों में स्टॉक रजिस्टर का संधारण भी नहीं किया जा रहा था, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
अनियमितताओं के चलते जिन विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें सिकंदरा क्षेत्र के खंडेलवाल ट्रेडर्स, कसाना खाद-बीज भंडार, महावीर खाद-बीज भंडार, आरएस खाद बीज भंडार, ठीकरिया के राठौर खाद बीज भंडार, लवाण के श्री जी एग्रोटेक और कुंडल के कल्याण सहाय राकेश कुमार शामिल हैं।
इन सभी विक्रेताओं पर नियमों की अनदेखी और स्टॉक में गड़बड़ी जैसे आरोप पाए गए हैं, जिसके चलते तत्काल प्रभाव से उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी या जमाखोरी किसानों के हितों के खिलाफ है और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत या अनियमितता सामने आती है, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें। इससे बाजार में संतुलन बना रहेगा और कालाबाजारी की संभावना कम होगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली या स्टॉक छिपाने की शिकायत मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
कृषि विभाग ने जिले के सभी ब्लॉकों में निरीक्षण के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो लगातार विक्रय केंद्रों की जांच कर रही हैं। यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को सही कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि बाजार में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य खाद-बीज विक्रेताओं में भी हड़कंप देखा जा रहा है। कई दुकानदार अब अपने रिकॉर्ड और स्टॉक को व्यवस्थित करने में जुट गए हैं, ताकि वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बच सकें।
दौसा में कृषि विभाग की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान जरूरी हैं, जिससे बाजार में संतुलन बना रहे और किसानों को सही समय पर सही संसाधन मिल सकें।
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