राजस्थान: में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के चुनाव बुधवार को भारी हंगामे और अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुए। जहां एक ओर सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में अनियमितताओं और व्यवस्थागत खामियों के कारण चुनाव प्रक्रिया बाधित हो गई।
सबसे बड़ा घटनाक्रम Jaipur में सामने आया, जहां हाईकोर्ट स्थित सबसे बड़े पोलिंग बूथ पर फर्जी वोटिंग के आरोपों के बाद चुनाव को रद्द कर दिया गया। इस बूथ पर 14,781 अधिवक्ता मतदाता पंजीकृत थे, जिससे यह राज्य का सबसे बड़ा मतदान केंद्र माना जाता है।
हाईकोर्ट पोलिंग बूथ पर मतदान शुरू होने में करीब 50 मिनट की देरी हुई। इसके बाद जैसे ही प्रक्रिया आगे बढ़ी, फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आने लगीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वहां मौजूद वकीलों ने हंगामा कर दिया।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के बाद प्रशासन ने चुनाव को रद्द करने का फैसला लिया। अब इस बूथ के लिए नई तारीख की घोषणा की जाएगी।
इसी तरह जयपुर के सेशन कोर्ट में भी अनियमितताओं की शिकायत के बाद मतदान को रद्द कर दिया गया।
वहीं Jodhpur में एक अलग तरह की समस्या देखने को मिली। यहां हेरिटेज बिल्डिंग परिसर में बनाए गए चारों मतदान केंद्रों पर बैलेट पेपर खत्म हो गए, जिसके कारण मतदान को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन पर्याप्त बैलेट पेपर उपलब्ध नहीं होने के कारण वोटिंग आगे नहीं बढ़ सकी।
Sri Ganganagar जिले के रायसिंहनगर में बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान को रोकना पड़ा और पोलिंग बूथ पर ताला लगा दिया गया।
यह घटनाक्रम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और तैयारी पर सवाल खड़े करता है।
इस बार के BCR चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि करीब 8 साल बाद और लगभग 3 साल की देरी से ये चुनाव आयोजित किए गए। कुल 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में थे।
प्रदेशभर में 258 पोलिंग बूथ बनाए गए थे और 84,247 अधिवक्ता मतदाता पंजीकृत थे। चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की निगरानी में कराया जा रहा है।
इस चुनाव की खास बात यह रही कि पहली बार महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। 23 में से 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि दो पदों पर महिलाओं को सह-नामित किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत कुल 57 महिला प्रत्याशी मैदान में उतरीं, जो वकील समुदाय में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतपेटियों को संबंधित जिला न्यायाधीशों के पास जमा कराया गया। इसके बाद इन्हें पुलिस सुरक्षा में Jodhpur भेजा जाएगा, जहां 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी।
हालांकि, जिन स्थानों पर चुनाव रद्द या स्थगित हुए हैं, वहां नई तारीख घोषित होने के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
जयपुर, जोधपुर और श्रीगंगानगर में सामने आई घटनाओं ने चुनावी तैयारियों और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी वोटिंग, बैलेट पेपर की कमी और विवाद जैसे मुद्दे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इतनी बड़ी प्रक्रिया के लिए व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.