पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सियासी बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। शुक्रवार को कोलकाता के बौबाजार में आयोजित एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
अपने भाषण में ममता ने तंज कसते हुए कहा, “वे झालमुड़ी का वादा कर रहे हैं, लेकिन मैं आपको भेलपुरी खिलाऊंगी।” उनके इस बयान ने चुनावी माहौल में एक नया रंग जोड़ दिया है, जहां अब खाने-पीने की चीजें भी राजनीतिक प्रतीक बन गई हैं।
ममता बनर्जी का यह बयान हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के झारग्राम दौरे के दौरान झालमुड़ी खाने के वीडियो के संदर्भ में आया है। ममता ने आरोप लगाया कि यह पूरा कार्यक्रम पहले से तय था और इसे दिखाने के लिए कैमरों की व्यवस्था पहले ही कर ली गई थी।
उन्होंने कहा, “सुरक्षा के नाम पर झालमुड़ी घर से बनाकर लाई गई थी और दुकानदार को सिर्फ 10 रुपये दिए गए।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने भाजपा पर दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा के आत्मविश्वास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चरण की बंपर वोटिंग के बाद भाजपा जिस तरह से अपनी जीत का दावा कर रही है, वह संदेह पैदा करता है।
उन्होंने सवाल किया, “क्या उन्होंने EVM पहले से सेट कर दी हैं? वरना उन्हें अपनी जीत का इतना भरोसा कैसे है?”
यह बयान चुनावी प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ सकता है और राजनीतिक विवाद को और गहरा सकता है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह चुनाव जीतने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रही है। उन्होंने कहा कि जनता को लुभाने के लिए छोटे-छोटे प्रतीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता “तीखी झालमुड़ी” की तरह मजबूत है और किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आएगी।
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने सांस्कृतिक एकता और विविधता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे अलग-अलग राज्यों के भोजन का सम्मान करती हैं और खुद भी विभिन्न व्यंजन खाती हैं।
उन्होंने कहा, “मैं ढोकला खाती हूं, डोसा खाती हूं, लिट्टी-चोखा, ठेकुआ और सत्तू भी खाती हूं। ईद पर सेवइयां और हलवा भी खाती हूं। मुझे धर्म मत सिखाइए।”
इस बयान के जरिए उन्होंने भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कृष्णानगर में रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि उनकी “झालमुड़ी” ने TMC को झटका दिया है।
मोदी ने TMC पर घुसपैठ को बढ़ावा देने और राज्य में कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
बंगाल चुनाव के दौरान दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। जहां एक ओर ममता बनर्जी भाजपा को बाहरी पार्टी बताकर निशाना साध रही हैं, वहीं भाजपा राज्य में परिवर्तन का दावा कर रही है।
पहले चरण में हुई भारी वोटिंग ने दोनों पक्षों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, लेकिन साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज कर दिया है।
“झालमुड़ी बनाम भेलपुरी” का यह सियासी तंज केवल एक मजाक नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है। ममता बनर्जी का यह बयान भाजपा के खिलाफ उनकी आक्रामक नीति को दर्शाता है, वहीं EVM पर उठाए सवाल चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना सकते हैं। अब देखना होगा कि इस बयानबाजी का असर मतदान और नतीजों पर कितना पड़ता है।
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