दिल्ली: में आज यानी मंगलवार से विधानसभा का पांचवां विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली इस कार्यवाही को लेकर राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनमें महिला आरक्षण कानून, वित्तीय लेखे और जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।
सत्र की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के साथ होगी, जिसके बाद सदन में औपचारिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यसूची के अनुसार, सबसे पहले निधन संबंधी उल्लेख किया जाएगा और उसके बाद विधायक नियम-280 के तहत अपने-अपने क्षेत्रों के विशेष मुद्दे सदन में उठा सकेंगे।
इस विशेष सत्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। वे वर्ष 2024-25 के वित्त लेखे और विनियोग लेखे सदन के पटल पर रखेंगी। इसके साथ ही महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर एक सरकारी संकल्प भी पेश किया जाएगा, जो सत्र का मुख्य आकर्षण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र आगामी नीतिगत फैसलों की दिशा तय कर सकता है और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सत्र से एक दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। यह बैठक लोक निवास में हुई, जिसमें दिल्ली के विकास कार्यों, भीषण गर्मी से राहत के उपाय और जलभराव से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के बाद सरकार ने सत्र के दौरान इन मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने का फैसला किया है, ताकि जनता से जुड़े अहम सवालों पर ठोस समाधान निकाला जा सके।

विधानसभा सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है। सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार किया।
संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा परिसर को पूरी तरह सुरक्षित जोन में बदल दिया गया है। इस बार प्रवेश केवल गेट नंबर-1 से ही दिया जाएगा और हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जाएगी।
साथ ही सीसीटीवी निगरानी, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आसपास के इलाकों में विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया गया है।
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और मानसून से पहले जलभराव की समस्या भी इस सत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। सरकार इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में हर साल गर्मी और बारिश के दौरान जो समस्याएं सामने आती हैं, उनसे निपटने के लिए इस बार ठोस और दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है।
यह विशेष सत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष इस दौरान सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर सकता है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को पेश कर अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति अपनाएगी।
महिला आरक्षण कानून को लेकर पेश किया जाने वाला प्रस्ताव भी राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
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