Download App Now Register Now

राजस्थान पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू! सुप्रीम कोर्ट ने फिक्स कर दी डेडलाइन, जानिए कब बजेगा चुनावी बिगुल

जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीण मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य की पंचायत परिसीमन प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पंचायत चुनावों के रास्ते में आ रही सालों पुरानी कानूनी अड़चनें पूरी तरह खत्म हो गई हैं।

अब राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के पास 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।


सुप्रीम कोर्ट में ग्रामीणों की याचिका खारिज

मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने रेवेन्यू गांव सिंहानिया सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा किए गए नए पंचायत परिसीमन और पुनर्गठन को चुनौती दी थी।

ग्रामीणों का तर्क था कि उनके गांवों को दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों और काफी दूरी पर स्थित दूसरी ग्राम पंचायतों से जोड़ा गया है। इसके चलते सड़क संपर्क, दूरी के नियमों और प्रशासनिक सुविधा का उल्लंघन हुआ है।


सरकार का पक्ष: परिसीमन सिर्फ दूरी पर आधारित नहीं

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि परिसीमन की प्रक्रिया केवल दूरी के आधार पर नहीं की गई है।

इसमें जनसंख्या, प्रशासनिक व्यवहार्यता, शासन की आवश्यकता और जिला कलेक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट को आधार बनाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन की पूरी प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक कानूनी रूप से पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों की तैयारी के निर्देश भी जारी कर चुका है।


15 अप्रैल 2026 की डेडलाइन: अब टालना संभव नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले की पुष्टि की है, जिसमें राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक सभी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने के निर्देश दिए गए थे।

शीर्ष अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि परिसीमन प्रक्रिया को अब दोबारा नहीं खोला जा सकता, क्योंकि ऐसा करने से पूरे राज्य का चुनावी कार्यक्रम प्रभावित होगा। हालांकि, कोर्ट ने ग्राम पंचायतों को यह छूट दी है कि यदि उन्हें पंचायत मुख्यालय के स्थान को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इससे न तो परिसीमन रुकेगा और न ही चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर पड़ेगा।


ग्रामीण राजनीति में बढ़ेगी हलचल

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब राजस्थान के गांव-गांव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होना तय माना जा रहा है। लंबे समय से टलते आ रहे पंचायत चुनाव अब तय समय सीमा में होंगे, जिससे स्थानीय नेतृत्व को नया मौका मिलेगा और ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।


निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर चला आ रहा वर्षों पुराना कानूनी विवाद खत्म कर दिया है। परिसीमन पर अंतिम मुहर लगने के बाद अब चुनाव टालने का कोई रास्ता नहीं बचा है। 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराना राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी बन गई है। आने वाले महीनों में राजस्थान की ग्रामीण राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगी नजर आएगी।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: CM का विपक्ष पर बड़ा हमला, डोटासरा बोले- “दिल्ली की पर्ची पढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री!” | राम मंदिर में आज रचा जाएगा इतिहास! राष्ट्रपति करेंगी ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना, 7000 मेहमान बनेंगे गवाह | गैस संकट पर सरकार की बड़ी सफाई: घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग, रोज 50 लाख डिलीवरी; पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी नहीं | भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े |