राजस्थान: की राजधानी जयपुर में महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीजेपी द्वारा निकाली गई जन आक्रोश पदयात्रा को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष Suman Sharma बैरिकेड्स पर चढ़ गईं और विरोध जताया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
दरअसल, लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को समर्थन नहीं मिलने के विरोध में बीजेपी ने यह प्रदर्शन आयोजित किया था। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने इस पदयात्रा में हिस्सा लिया और “महिलाओं के अधिकारों पर वार” जैसे नारे लगाते हुए विरोध जताया।
बीजेपी की यह पदयात्रा पार्टी कार्यालय से शहीद स्मारक तक जानी थी, लेकिन पुलिस ने कमिश्नरेट के सामने बैरिकेडिंग लगाकर इसे रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया और कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
इस दौरान Suman Sharma ने बैरिकेड्स पर चढ़कर उन्हें पार करने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
पदयात्रा से पहले बीजेपी कार्यालय में एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को एक ऐतिहासिक अवसर बनने वाला था, लेकिन विपक्ष ने इसे “काला पन्ना” बना दिया।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 70 वर्षों में महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि “परिवारवादी राजनीति” करने वाले दलों को डर है कि अगर आम महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा।
सभा में उपमुख्यमंत्री Diya Kumari ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं का हक छीना है और अब उन्हें जनता से वोट मांगने का भी अधिकार नहीं है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे ऐसे नेताओं को अपने क्षेत्र में प्रवेश न करने दें।
पदयात्रा में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में पोस्टर लेकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने “रावण” की तरह महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है और अब महिलाएं इसका जवाब देंगी।
गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट आए। हालांकि इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी जहां कांग्रेस को “महिला विरोधी” बता रही है, वहीं कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक रणनीति करार दे रही है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जयपुर की सड़कों पर बड़ी संख्या में महिलाएं नजर आईं। उनके जोश और नारों से साफ था कि यह मुद्दा अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता के बीच भी गहराई से पहुंच चुका है।
जयपुर में बीजेपी की पदयात्रा को रोके जाने और उसके बाद हुए हंगामे ने यह साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। Bhajan Lal Sharma और Diya Kumari के बयानों ने इस विवाद को और हवा दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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