देश: के एविएशन सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने न केवल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश के विकास का प्रतीक बताया, बल्कि वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से एकजुट रहने की अपील भी की।
यह एयरपोर्ट आकार और क्षमता के लिहाज से देश का सबसे बड़ा और एशिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल है। आने वाले वर्षों में इसके पूर्ण निर्माण के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा करेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों और उद्योगों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उसके वैश्विक प्रभावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह संकट सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे धैर्य और एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करें। साथ ही राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि संकट के समय ऐसी बयानबाजी से बचें, जो देश के हितों के खिलाफ हो।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 3300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां यात्रियों को एंट्री के बाद 20 मिनट के भीतर बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी।
यह एयरपोर्ट सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है।
एयरपोर्ट का पूरा विकास चार चरणों में किया जाएगा, जिसकी अंतिम समयसीमा वर्ष 2040 तय की गई है। पूरा बनने के बाद इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 52 वर्ग किलोमीटर होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट पश्चिमी यूपी के किसानों, छोटे उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगा। यहां से कार्गो सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य देश में हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है। इसी दिशा में उड़ान योजना और नए एयरपोर्ट्स का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 160 हो गए हैं। इसके अलावा रेलवे, हाईवे और जलमार्गों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने अंधविश्वास और राजनीति के कारण नोएडा जैसे क्षेत्रों के विकास को नजरअंदाज किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सरकारों ने पश्चिमी यूपी को “लूट का एटीएम” बना दिया था, जबकि वर्तमान सरकार इसे विकास के केंद्र में बदल रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
साथ ही, प्रधानमंत्री का वैश्विक संकट पर दिया गया संदेश यह दर्शाता है कि विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और संयम भी उतना ही जरूरी है।
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