राजस्थान: के दौसा जिले में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 लाख रुपये के सरसों तेल लूटकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला साल 2019 का है, जिसमें हथियारबंद बदमाशों ने ट्रक ड्राइवर और खलासी को अगवा कर लाखों का माल लूट लिया था। अब करीब 7 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी ने इस हाई-प्रोफाइल केस को नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेंद्र कुमार गुर्जर के रूप में हुई है, जो कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के मोहम्मदपुर गुर्जर गांव का रहने वाला है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
17 जुलाई 2019 की रात जयपुर से एक ट्रक 1712 कार्टून सरसों तेल लेकर रानीगंज (पश्चिम बंगाल) के लिए रवाना हुआ था। ट्रक में ड्राइवर महेंद्र यादव और उसका खलासी मौजूद थे। जैसे ही ट्रक दौसा के पास सैंथल पुलिया के नजदीक सर्विस रोड पर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे रोक लिया।
बताया जाता है कि एक जीप और बोलेरो में सवार 8-9 बदमाशों ने ट्रक को घेर लिया और ड्राइवर-खलासी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को जबरन अगवा कर लिया गया और पूरी रात अलग-अलग जगहों पर घुमाते रहे। इस दौरान बदमाशों ने उनसे 42 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज भी छीन लिए।
बदमाश ट्रक समेत सरसों तेल के 1712 कार्टून लेकर फरार हो गए, जिसकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई थी। इस वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
घटना के बाद से ही राजस्थान पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। कई बार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस की पकड़ से बच निकलता रहा। उसने अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रहना शुरू कर दिया था।
आखिरकार, दौसा कोतवाली थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली। साइबर सेल के कांस्टेबल दशरथ सिंह की विशेष भूमिका रही, जिनकी मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को डिटेन कर लिया। पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस लूटकांड में और कौन-कौन शामिल था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। साथ ही लूटे गए माल की बरामदगी को लेकर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह वारदात किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थी, जो हाईवे पर ट्रकों को निशाना बनाता था। ऐसे में पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
इस गिरफ्तारी को दौसा पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ना आसान नहीं था। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अपराधी कितने भी समय तक छिप जाएं, कानून से बच नहीं सकते।
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