वाराणसी (काशी): में मंगलवार को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन देखने को मिला, जब पहली बार करीब 25 हजार महिलाओं का विशाल जुटान हुआ। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे और शाम करीब 5 बजे बरेका मैदान में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ को संबोधित करने वाले हैं।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद पीएम मोदी हेलिकॉप्टर से बरेका स्थित हेलीपैड पहुंचे और वहां से गेस्ट हाउस में विश्राम के लिए रवाना हुए। तय कार्यक्रम के अनुसार वे शाम को सम्मेलन स्थल पहुंचकर देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे।
बरेका मैदान में आयोजित इस सम्मेलन की खास बात यह है कि इसमें लगभग 25 हजार महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है, जो काशी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा महिला जुटान माना जा रहा है।
कार्यक्रम की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथों में है। मंच पर भी 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

सभा स्थल पर पहुंच रही छात्राओं और महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई छात्राओं ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनके मुद्दों—खासकर पेपर लीक जैसे मामलों—पर सख्त कार्रवाई का भरोसा देंगे।
एक छात्रा ने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जरूरी है। इससे साफ है कि इस सम्मेलन में केवल राजनीतिक संदेश ही नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।
यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाता है। काशी को प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण यह दौरा और भी अहम हो जाता है।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है।
लहुराबीर चौराहे समेत कई स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया गया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल सम्मेलन तक सीमित नहीं है। 29 अप्रैल को वे काशी में लगभग 15 किलोमीटर लंबा रोड शो करेंगे, जो बरेका से शुरू होकर मंडुवाडीह, फुलवरिया फ्लाईओवर, लहुराबीर और मैदागिन होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाएगा।
यह रोड शो राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह एक साल बाद प्रधानमंत्री का काशी में बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम होगा।
इस महिला सम्मेलन को भाजपा के लिए एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। महिला मतदाताओं को साधने और उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन खास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इसके साथ ही, यह कार्यक्रम महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने का संदेश भी देता है।
काशी में आयोजित यह महिला सम्मेलन न केवल संख्या के लिहाज से ऐतिहासिक है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, राजनीतिक रणनीति और सामाजिक मुद्दों का संगम भी है। पीएम मोदी का संबोधन आने वाले समय में महिलाओं और युवाओं के लिए नई दिशा तय कर सकता है।
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