जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ उसके ही एक दूर के रिश्तेदार ने विश्वासघात करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने छात्रा की शिक्षा और परीक्षा के प्रति उसकी गंभीरता का फायदा उठाते हुए उसे 'महत्वपूर्ण नोट्स' देने के बहाने जाल में फंसाया।
घटना उस समय की है जब 17 वर्षीय पीड़िता अपनी 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने स्कूल गई थी। पीड़िता के भविष्य से बेखबर, उसका आरोपी रिश्तेदार पहले से ही स्कूल के बाहर उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही छात्रा परीक्षा देकर बाहर निकली, आरोपी ने उसे रोका और बातचीत शुरू की।
छात्रा को पढ़ाई में मदद करने का झांसा देते हुए आरोपी ने कहा कि उसके पास परीक्षा के लिए कुछ "इम्पोटेंट नोट्स" और पिछले सालों के प्रश्न पत्र हैं, जो उसे अच्छे अंक दिलाने में मदद करेंगे। अपने करियर को लेकर सजग छात्रा उस पर भरोसा कर बैठी और उसके साथ जाने को तैयार हो गई।
आरोपी छात्रा को नोट्स देने के बहाने अपने एक दोस्त के सुनसान घर ले गया। वहाँ पहुँचते ही आरोपी के इरादे बदल गए। उसने छात्रा को डराया-धमकाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। वारदात के बाद आरोपी छात्रा को बीच रास्ते में ही बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गया।
जब छात्रा घर पहुँची, तो वह गहरे सदमे में थी। परिजनों ने जब उसे डरा-सहमा और रोते हुए देखा, तो उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। काफी समझाने-बुझाने के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए परिजन उसे लेकर स्थानीय थाने पहुँचे और आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act और दुष्कर्म की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
पुलिस की एक विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी रिश्तेदार को धर-दबोचा। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जुडिशियल कस्टडी (JC) में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि अपराधी अब रिश्तों की आड़ लेकर बच्चों को शिकार बना रहे हैं। शिक्षा के मंदिर के बाहर इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को 'गुड टच-बैड टच' और अजनबियों के साथ-साथ संदिग्ध रिश्तेदारों से भी सावधान रहने की शिक्षा दें।
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