राजस्थान: के दौसा जिले में जिला स्थापना दिवस के मौके पर शुक्रवार को भव्य और उत्साहपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर के प्रमुख स्थल नेहरू गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा, जिन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंच गौरव के अंतर्गत जिले के विशेष उत्पादों और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। कलेक्टर ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देते हैं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को भी मजबूत करते हैं।
प्रदर्शनी में जिले के पारंपरिक हस्तशिल्प, खादी उत्पाद, ग्रामीण उद्योगों से जुड़े सामान और जेल में तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। कलेक्टर ने विशेष रूप से जेल में बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कैदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजीविका समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता को भी सराहा गया। कलेक्टर ने इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने और उनके विपणन को बढ़ाने के लिए प्रयास तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने खादी भंडार के कार्यों की भी प्रशंसा की और इसे और अधिक पहचान दिलाने की बात कही।
कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण रहा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन। कलेक्टर ने स्वयं रस्साकशी और चम्मच दौड़ प्रतियोगिता की शुरुआत करवाई। उन्होंने प्रतिभागियों का परिचय लिया और टॉस कर प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।
रस्साकशी प्रतियोगिता में युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं चम्मच दौड़ में बच्चों और महिलाओं की भागीदारी ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कलेक्टर ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती हैं।
कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने अपने संबोधन में कहा कि जिला स्थापना दिवस जैसे आयोजन जिले की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि हर वर्ग के लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल सामाजिक समरसता बढ़ती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। खासतौर पर स्वयं सहायता समूहों और छोटे कारीगरों को इससे बड़ा लाभ होता है।
इस अवसर पर कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला, जिला परिषद के सीईओ बिरदी चंद गंगवाल, एसडीएम संजू मीणा, एसीईओ राजेश मीणा, जिला खेल अधिकारी मनोज शर्मा और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
सभी ने आयोजन की सराहना की और इसे जिले के लिए एक सकारात्मक पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक इसमें शामिल हुए।
दौसा जिला स्थापना दिवस का यह आयोजन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह जिले की संस्कृति, प्रतिभा और एकजुटता का उत्सव बन गया। प्रदर्शनी से लेकर खेल प्रतियोगिताओं तक हर गतिविधि में लोगों का जोश देखने लायक था। ऐसे आयोजन निश्चित रूप से जिले के समग्र विकास और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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