इस दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। खास बात यह रही कि UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया, जिसे भारत और UAE की मजबूत दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई समेत पांच बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
इन समझौतों में ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
इसके अलावा UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान भी किया।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने UAE को अपना “दूसरा घर” बताया। उन्होंने कहा कि UAE के राष्ट्रपति के साथ उनकी मित्रता और विश्वास दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“मैं अपने दूसरे घर आया हूं। आज आपके एयरफोर्स जेट्स ने मेरे विमान को एस्कॉर्ट किया, यह भारत की जनता का सम्मान है।”
मोदी ने यह भी कहा कि जनवरी में हुई UAE राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में तेजी से प्रगति हुई है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित बना रहे क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समस्याओं के समाधान का समर्थक रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने UAE पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने UAE में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए वहां की सरकार का धन्यवाद भी किया।
भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच सालाना कारोबार 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का है।
भारत UAE को पेट्रोलियम उत्पाद, जेम्स एंड ज्वेलरी, खाद्य पदार्थ, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी और केमिकल्स निर्यात करता है।
वहीं भारत UAE से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत-UAE संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और निवेश के क्षेत्र में हुए समझौते दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और गहरा करेंगे।
UAE पहले से ही भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा निवेशक रहा है। अब नए निवेशों के जरिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के विमान को UAE के F-16 फाइटर जेट्स द्वारा एस्कॉर्ट किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
लोग इसे भारत और UAE के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे ऐतिहासिक और सम्मानजनक क्षण बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति उसकी वैश्विक भूमिका को और मजबूत कर रही है।
भारत लगातार संतुलित विदेश नीति अपनाते हुए ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर फोकस कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UAE दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। F-16 एस्कॉर्ट से लेकर LPG और रक्षा समझौतों तक, इस यात्रा ने दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दुनिया के सामने एक बार फिर साबित कर दिया है। आने वाले समय में भारत और UAE के रिश्ते व्यापार, निवेश और सुरक्षा के क्षेत्र में और मजबूत होते दिखाई दे सकते हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.