देशभर: में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच अब एक नई तकनीक उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। गुजरात के युवा उद्यमियों ने AI आधारित पेटेंटेड ‘जीरो टच सिस्टम’ लॉन्च किया है, जो परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का दावा करता है।
जयपुर के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस हाईटेक मशीन को लॉन्च किया गया। दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक प्रश्नपत्र लीक, मानवीय हस्तक्षेप और गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ी कमजोरियों को लगभग समाप्त कर सकती है।
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र पर ही प्रिंट होंगे और परीक्षा शुरू होने से सिर्फ 10 मिनट पहले सीलबंद पैकेट खोले जा सकेंगे।
इस नई तकनीक को पूरी तरह क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के जरिए तैयार किया गया है। सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को प्रश्नपत्र देखने या छूने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
सिस्टम के तहत किसी भी परीक्षा के लिए अधिकतम तीन शिक्षकों की टीम अपने-अपने प्रश्नपत्र सुरक्षित क्लाउड प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेगी।
AI आधारित सिस्टम इन प्रश्नपत्रों को स्कैन करेगा और संभावित त्रुटियों की जांच करेगा। इससे प्रश्नपत्र की गुणवत्ता और निष्पक्षता दोनों सुनिश्चित होंगी।
परीक्षा शुरू होने से पहले AI सिस्टम तीनों प्रश्नपत्रों में से किसी एक का रैंडम चयन करेगा।
इस प्रक्रिया में किसी व्यक्ति का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। यानी यह तय नहीं किया जा सकेगा कि अंतिम समय में कौन-सा प्रश्नपत्र परीक्षा में इस्तेमाल होगा।
यही फीचर पेपर लीक की संभावना को बेहद कम कर देता है।
चुने गए प्रश्नपत्र को परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले “जीरो टच मशीन” खुद प्रिंट करेगी।
मशीन सिर्फ प्रिंटिंग ही नहीं करेगी बल्कि ऑटो स्टेपलिंग और ब्लॉक-वाइज पैकेजिंग भी अपने आप करेगी।
पूरी प्रक्रिया AI द्वारा मॉनिटर की जाएगी और किसी व्यक्ति को पेपर छूने या देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मशीन से निकलने वाले प्रश्नपत्र पूरी तरह सीलबंद पैकेट में होंगे। इन पैकेट्स को परीक्षा शुरू होने से सिर्फ 10 मिनट पहले खोला जा सकेगा।
AI आधारित सिक्योरिटी सिस्टम समय और सील दोनों पर निगरानी रखेगा ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या लीक की संभावना न रहे।
जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘जीरो टच सिस्टम’ का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। वहां मौजूद शिक्षा विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस तकनीक को भविष्य की जरूरत बताया।
कार्यक्रम में मशीन को सवालों की सुरक्षित प्रिंटिंग और पैकेजिंग करते हुए दिखाया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
‘जीरो टच सिस्टम’ के फाउंडर भावेश कुमार ने कहा कि भारत में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
उन्होंने कहा, “यह केवल एक मशीन नहीं बल्कि पूरी सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में फिर से भरोसा कायम करना है।”
भावेश के अनुसार, यह देश का पहला ऐसा सुरक्षित प्रश्नपत्र वितरण समाधान है जिसमें पेपर निर्माण से लेकर वितरण तक पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और ट्रैक्ड रहती है।
कंपनी को इस तकनीक के लिए भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है। फिलहाल यह कंपनी मध्यप्रदेश और गुजरात सरकार के शिक्षा विभागों के साथ काम कर रही है।
अब तक 50 से अधिक राज्य और निजी विश्वविद्यालयों को ERP और परीक्षा समाधान उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
कंपनी शिक्षा क्षेत्र के अलावा मैन्युफैक्चरिंग, कॉर्पोरेट और रिटेल सेक्टर में भी AI आधारित ERP समाधान प्रदान कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तकनीक को बड़े स्तर पर लागू किया गया तो भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
हालांकि, इसके सफल संचालन और साइबर सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी जरूरी होगी।
AI आधारित ‘जीरो टच सिस्टम’ शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। परीक्षा केंद्र पर ही प्रश्नपत्र प्रिंट होने और पूरी प्रक्रिया के ऑटोमेटेड होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। अब सभी की नजर इस तकनीक के बड़े स्तर पर लागू होने पर टिकी हुई है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.