पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र का दौरा किया और सेई बांध की बहुप्रतीक्षित टनल चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ टनल के अंदर जाकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया तथा अब तक हुए निर्माण, शेष खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मंत्री ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त जल को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए बनाई जा रही 6.7 किलोमीटर लंबी टनल के चौड़ीकरण कार्य के लिए सरकार ने बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पिछले तीन वर्षों से चल रहे इस कार्य में लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि केवल 90 मीटर टनल का कार्य शेष रह गया है, जिसे 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद टनल की जल निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी, यानी लगभग चार गुना वृद्धि होगी। इससे मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात जाने से रुकेगा और पाली, सिरोही व जालोर जिलों को पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। वर्तमान में पानी जवाई बांध तक पहुंचने में 45 से 50 दिन लगते हैं, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद यह समय घटकर लगभग 22 दिन रह जाएगा और जवाई बांध को 74 एमसीएफटी पानी तेजी से उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय जल संकट में बड़ी राहत मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना मारवाड़ क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवनदायिनी है, जो लंबे समय से जल समस्या का समाधान करने में सहायक साबित होगी। साथ ही उन्होंने श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस पूरे क्षेत्र को भविष्य में इको-टूरिज्म और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की जानकारी दी, जिससे स्थानीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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