जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की यात्रा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब केवल प्रवेश पत्र दिखाकर रोडवेज बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा नहीं की जा सकेगी। निगम मुख्यालय जयपुर की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार अभ्यर्थियों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, तभी उन्हें रियायती टिकट सुविधा मिल पाएगी।
राज्यभर में लागू की जा रही इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और वास्तविक परीक्षार्थियों को ही सुविधा उपलब्ध कराना है। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से गलत तरीके से रियायती यात्रा करने और फर्जी रोल नंबर इस्तेमाल करने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को राजस्थान रोडवेज की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध “प्रतियोगी परीक्षार्थी पंजीयन पोर्टल” पर जाकर अपनी परीक्षा संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान एडमिट कार्ड अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। साथ ही मोबाइल नंबर पर OTP आधारित सत्यापन के जरिए अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
निगम ने साफ किया है कि परीक्षा तिथि से 36 घंटे पहले तक ही ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकेगा। इसके बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और बिना पंजीकरण वाले अभ्यर्थियों को सुविधा नहीं मिलेगी।
ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अभ्यर्थियों के रोल नंबर ETIM मास्टर डेटाबेस में अपलोड किए जाएंगे। इससे रोडवेज बसों में मौजूद परिचालकों की ETIM मशीनों में परीक्षार्थियों की जानकारी स्वतः उपलब्ध रहेगी।
टिकट जारी करते समय परिचालक “Competition Exam” श्रेणी का चयन कर अभ्यर्थी का रोल नंबर दर्ज करेंगे। ETIM मशीन डेटाबेस से जानकारी का मिलान करेगी और सत्यापन सही पाए जाने पर ही रियायती टिकट जारी किया जाएगा। इससे केवल पात्र और पंजीकृत अभ्यर्थियों को ही यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
रोडवेज निगम के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी बिना पंजीकरण यात्रा करता पाया गया या उसका रोल नंबर ETIM डेटाबेस में उपलब्ध नहीं होगा तो उसे सामान्य यात्री माना जाएगा। ऐसी स्थिति में उससे टिकट की पूरी राशि वसूली जाएगी।
नई व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी के लिए MIS रिपोर्टिंग प्रणाली भी विकसित की गई है। इसके तहत कुल पंजीकरण और जारी किए गए टिकटों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद पोर्टल और ETIM डेटा का मिलान कर समंजन (Reconciliation) किया जाएगा।
यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो संबंधित कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले युवाओं के लिए अधिक भरोसेमंद और सुव्यवस्थित साबित होगी। साथ ही इससे निगम को होने वाली राजस्व हानि पर भी रोक लगेगी और डिजिटल मॉनिटरिंग मजबूत होगी।
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