जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात से लेकर राजस्थान की कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था तक राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र कमजोर किया जा रहा है और सांसद-विधायक तक खरीद-फरोख्त की स्थिति बन रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
गहलोत ने राजस्थान में बढ़ते अपराध, हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और कई थानों में अवैध लेन-देन तक के मामले सामने आ रहे हैं।
पूर्व सीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर जैसे शहरों में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने की घटनाएं गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सक, उपकरण और संसाधनों की कमी है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बना हुआ है।
गहलोत ने जल परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी निशाना साधा और कहा कि किसी भी आरोप को तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर ही रखा जाना चाहिए। उन्होंने ईआरसीपी परियोजना को लेकर केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता जरूरी है।
उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा, पेंशन योजनाएं प्रभावित हैं और कई विभागों में भुगतान रुके हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
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