पाली में गुरुवार को सर्किट हाउस में हुई बातचीत के दौरान प्रभारी मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने शहर की सीवरेज, अतिक्रमण और डेंगू-मलेरिया जैसी समस्याओं को लेकर पूछे गए पत्रकारों के सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने शहर की जनता को ही कई समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। मंत्री ने कहा कि पाली के लोग सकारात्मक कम और नकारात्मक ज्यादा हैं तथा कुछ लोग समस्याएं पैदा करते हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया कि लोग सीवरेज हौदियों को खोलकर उनमें कचरा और निर्माण सामग्री डाल देते हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षा जल निकासी के लिए नालियों के निर्माण का निर्देश दिया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा नालियों को बंद कर दिया जाता है, जिससे जल निकासी बाधित होती है।
सीवरेज व्यवस्था को लेकर उन्होंने दावा किया कि 100 किलोमीटर पुरानी लाइन ठीक स्थिति में है, जबकि दूसरी ओर जमीनी हालात में बार-बार सीवरेज लाइन चोक और ओवरफ्लो होने की समस्याएं सामने आती रहती हैं। एलएंडटी द्वारा डाली गई सीवरेज लाइन को लेकर उन्होंने कहा कि उसमें तकनीकी खामियां हैं और इस कारण कंपनी का भुगतान रोका गया है तथा बैंक गारंटी जब्त करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
बरसाती पानी निकासी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि एनएचएआई के सहयोग से पक्का नाला बनाया जाएगा और इसे बरसात से पहले पूरा करने का लक्ष्य है, हालांकि अभी तक कच्चे नाले का काम भी पूरा नहीं हुआ है।
डेंगू और मलेरिया के मामलों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि पाली में प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में सबसे कम केस हैं और किसी भी एक मरीज का नाम सामने आने पर उन्हें सीधे सूचित किया जाए। उन्होंने आरोपों को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रमाण देना आवश्यक है।
अतिक्रमण हटाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पाली की परिस्थितियां जयपुर से अलग हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर समझाइश के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है और जहां जरूरत होगी वहां कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।
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