इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। जयपुर शहर से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 100 से अधिक छोटे-बड़े जत्थे रवाना होंगे, जिनमें कई बड़े जत्थों में 100 से 300 श्रद्धालु शामिल रहेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और 28 जुलाई तक की यात्रा के लिए पहले ही आवेदन किए जा चुके हैं। श्राइन बोर्ड के नियमों के अनुसार प्रतिदिन केवल सीमित संख्या में यात्रियों का ही रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जिसे ऑनलाइन या पीएनबी, एसबीआई, जेएंडके बैंक जैसी अधिकृत शाखाओं के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया में सबसे पहले अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Certificate) लेना होता है, जो अधिकृत सरकारी अस्पतालों से जारी किया जाता है। इसके बाद बैंक में आवेदन, केवाईसी और पहचान पत्र जैसे आधार, वोटर आईडी या पासपोर्ट की कॉपी जमा करनी होती है। शुल्क लगभग 150 रुपए निर्धारित है।
पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा की निर्धारित तिथि अलॉट की जाती है। यात्रा के लिए आयु सीमा 13 से 70 वर्ष तय की गई है, जबकि 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को अनुमति नहीं दी जाती। हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए भी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
यात्रियों के लिए आरएफआईडी कार्ड भी जरूरी है, जिसे जम्मू या श्रीनगर के विशेष केंद्रों से प्राप्त करना होता है। बिना आरएफआईडी कार्ड के बेस कैंप से आगे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती। जयपुर की कई सेवा समितियां जैसे जय भोले बाबा बर्फानी सेवा समिति, जय भोले अमरनाथ सेवा समिति और अन्य संगठन इस यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को लेकर जा रहे हैं।
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