राजस्थान सरकार ने जन-आधार प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। राजस्थान जन आधार प्राधिकरण द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार अब नवजात शिशुओं का जन आधार में स्वतः नामांकन हो जाएगा, जबकि किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसका नाम भी स्वतः परिवार सूची से हटा दिया जाएगा। इसके लिए पहचान पोर्टल और जन आधार प्रणाली के बीच डेटा इंटीग्रेशन की सुविधा लागू की गई है, जिससे जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड स्वतः अपडेट होंगे।
नई व्यवस्था के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को दी जाने वाली 10 अंकों की जन आधार पहचान संख्या को और अधिक मजबूत बनाया गया है। अब जन्म और मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड अलग-अलग विभागों में दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एकीकृत प्रणाली के माध्यम से यह प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाएगी। इससे आमजन को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।
नवजात शिशु की पहचान अब “बेबी ऑफ मदर नेम” के रूप में दर्ज की जाएगी, यदि जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज नहीं है। बाद में जन्म प्रमाण पत्र अपडेट होने पर शिशु का नाम स्वतः संशोधित हो जाएगा। इसके लिए माता की आधार ई-केवाईसी, जन आधार नंबर और अन्य विवरण अनिवार्य होंगे। शिशु का फोटो और अन्य जानकारी भी जन आधार प्रोफाइल एडिटिंग मॉड्यूल के जरिए अपडेट की जा सकेगी।
इसी तरह, यदि किसी परिवार सदस्य की मृत्यु का रिकॉर्ड पहचान पोर्टल पर दर्ज होता है, तो उसका नाम जन आधार से स्वतः हटा दिया जाएगा। इससे फर्जी या पुराने रिकॉर्ड समाप्त होंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक पहुंचेगा। इस प्रणाली को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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