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पांचना बांध का पानी बना सियासी मुद्दा, किरोड़ी लाल मीणा ने CM को लिखा पत्र

जयपुर। राजस्थान में पांचना बांध का पानी एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और किसान हितों से जुड़ा मुद्दा बन गया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पांचना बांध से नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले करीब 20 वर्षों से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे हजारों किसान और ग्रामीण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

डॉ. मीणा ने अपने पत्र में बताया कि पांचना बांध के कैचमेंट क्षेत्र और कमांड एरिया के बीच पानी के वितरण को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। इस मुद्दे को लेकर सवाई माधोपुर जिले की वजीरपुर तहसील के खंडीप गांव में किसान लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और उनसे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। मंत्री ने संकेत दिए कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो वे स्वयं भी आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से दोनों पक्षों के बीच तत्काल संवाद स्थापित करने तथा राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए नहरों में पानी छोड़े जाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। मंत्री ने यह भी बताया कि बांध के आसपास के कुछ गांवों के लोग भी आंदोलन कर रहे हैं और पहले अपने क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने ऐसे गांवों के लिए अलग सिंचाई व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। बजट 2026-27 में सिंचाई सुविधाओं से वंचित गांवों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि पांचना बांध का निर्माण वर्ष 1977 से 2004 के बीच लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2006 से किसानों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मंत्री के अनुसार करीब 40 हजार बीघा कृषि भूमि सिंचाई से वंचित है, जिससे 35 गांवों के लगभग 1.25 लाख लोगों को हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022, 23 अप्रैल 2026 और 1 मई 2026 को नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे, लेकिन अब तक उनका प्रभावी पालन नहीं हो सका है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो सके।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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